छत्तीसगढ़

खुली निविदा किए बिना उच्च दाब स्मार्ट मीटर प्रक्रिया निरस्त करें: कन्हैया

Shantanu Roy
29 Oct 2026 11:30 PM IST
खुली निविदा किए बिना उच्च दाब स्मार्ट मीटर प्रक्रिया निरस्त करें: कन्हैया
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छग
Raipur. रायपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल नेकहा कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) द्वारा बिना किसी खुली निविदा प्रक्रिया (Open Tender Process) का पालन किए, उच्च दाब (HT) औद्योगिक कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य एक विशिष्ट निजी कंपनी (टाटा पावर) को सौंपने की अनुचित प्रक्रिया प्रारंभ की गई है । बिना टेंडर उच्च दाब वाले स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ स्टेट
पावर कंपनी
के अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह को ज्ञापन दिया गया है । ज्ञापन में कहा गया कि विभागीय विरोधों के बावजूद उक्त निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संबंधित नस्ती (File) अध्यक्ष महोदय के समक्ष अंतिम स्वीकृति हेतु प्रक्रियाधीन है । कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि निम्न दाब (LT) कनेक्शनों के लिए दी गई पुरानी स्वीकृति को आधार बनाकर उच्च दाब (HT) कनेक्शनों में भी बिना टेंडर यह कार्य पारित कराने का प्रयास एक गंभीर प्रक्रियात्मक एवं वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा करता है।



उन्होंने तकनीकी ,कानूनी और वित्तीय बिंदुओं की ओर ध्यानाकर्षण करते हुए कहा कि सक्षम एवं सुचारू AMR व्यवस्था की उपेक्षा कर टाटा पावर को लाभान्वित करने के लिए विद्युत वितरण कंपनी कम कर रही है। कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में लगभग 4,000 उच्च दाब (HT) औद्योगिक उपभोक्ता हैं। इन परिसरों में वर्ष 2010 में खुली निविदा प्रक्रिया के माध्यम से AMR (ऑटोमैटिक मीटर रीडिंग) प्रणाली स्थापित की गई थी। गुढ़ियारी प्रांगण स्थित
सेंट्रल कंट्रोल रूम
से अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में अभियंताओं की टीम द्वारा पिछले 15 वर्षों से बिना किसी शिकायत के इसकी ऑनलाइन रीडिंग और परीक्षण दक्षतापूर्वक किया जा रहा है। पूर्णतः कार्यात्मक करोड़ों रुपये की इस व्यवस्था को बिना किसी ठोस तकनीकी कारण के दरकिनार किया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि हितों का सीधे टकराव (Conflict of Interest) का मामला है। टाटा पावर ने 04 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) के समक्ष रायपुर क्षेत्र (जहां राज्य के लगभग 70% HT उपभोक्ता हैं) में विद्युत वितरण लाइसेंस हेतु आवेदन प्रस्तुत किया है।

जिस कंपनी ने स्वयं वितरण लाइसेंस के लिए आवेदन किया हो, उसी को HT उपभोक्ताओं के मीटरिंग और डेटा नियंत्रण का कार्य सौंपना पूरी तरह से 'कन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट' है। इससे राज्य का संपूर्ण औद्योगिक मीटरिंग नियंत्रण एक निजी प्रतियोगी के हाथों में चला जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर वित्तीय अनियमितता एवं CVC नियमों का उल्लंघन है । शासकीय एवं सार्वजनिक उपक्रमों के नियमों तथा केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) के दिशानिर्देशों के अनुसार, किसी भी बड़े कार्य/आपूर्ति के लिए 'ओपन टेंडर' अनिवार्य है। बिना टेंडर जारी किए घाटे में चल रही सरकारी कंपनी के कोष से करोड़ों रुपये खर्च कर निजी कंपनी को लाभ पहुंचाना सीधे तौर पर भ्रष्टाचार एवं वित्तीय साठगांठ की ओर संकेत करता है। कन्हैया अग्रवाल ने सौंपे गये ज्ञापन में कहा कि बिना खुली निविदा प्रक्रिया के तैयार किए गए इस नियम-विरुद्ध प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए । उन्होंने कहा कि बिना टेंडर निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने का प्रस्ताव तैयार करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की
निष्पक्ष जांच
कराई जाए । HT उपभोक्ताओं, औद्योगिक संगठनों (Industrial Bodies) एवं विभागीय अभियंताओं से परामर्श किए बिना ऐसा कोई भी निर्णय न लिया जाए। कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि यदि अवैध एवं नियम-विरुद्ध प्रक्रिया को तत्काल नहीं रोका गया, तो शासकीय नियमों के उल्लंघन एवं जनहित की रक्षा हेतु इस मामले को ऊर्जा मंत्री (मुख्यमंत्री जी) एवं माननीय राज्यपाल महोदय के समक्ष उठाने के साथ-साथ माननीय उच्च न्यायालय की शरण लेने के लिए बाध्य होंगे।
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